राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने अयोध्या मामले पर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार संत समाज एक तय समय तक ही करेगा. कोर्ट हो सकता है कि इस मामले को लंबा खींच दे. इसलिए अगर हमें और ज्यादा उलझाने की कोशिश की तो हम उसका इंतजार नहीं कर सकते.
तंज कसते हुए चिन्मयानंद ने कहा कि तारीख पर तारीख का इंतजार कैसे करें. उन्होंने कहा कि देश से ऊपर कोई कोर्ट नहीं है. वहीं फैजाबाद का नाम अयोध्या रखने का समर्थन किया.
स्वामी चिन्मयान्नद ने कहा, 'हम एक समय तक ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर सकते हैं, क्योंकि सौ साल से ज्यादा समय से केस कोर्ट मे ही चल रहा हैं. इस मामले में सिर्फ तारीख पर तारीख मिलती रहती है. इसलिए हो सकता है कि सुप्रीम कोर्ट में इस केस को लंबा खींचने के लिए हमे उलझा दें। लेकिन अब हम उलझना नहीं चाहते और फिर कोई भी कोर्ट देश से बड़ा नहीं होता है.'
उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट इस केस को लंबा खींचेगा तो हमारे पास देश की जनता का साथ है और हमारी सरकार है. हम जल्द ही वहां पर राम मंदिर का निर्माण कराएंगे.
वहीं, उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले से जुड़े अब तक सिर्फ दो लोग बचे हैं. जिसमे एक नृत्यगोपाल दास और हम. इसलिए हमें लग रहा है कि अब हमारे जीते जी राम मंदिर बना देख सकेंगे और जल्द अयोध्या में रामलला विराजमान होंगे.
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मसले की सुनवाई टलने के बाद संतों की नाराजगी को देखते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने कहा था कि दिवाली पर अयोध्या में खुशखबरी लेकर जा रहे हैं. दिल्ली में आयोजित संतों के सम्मेलन के संबंध में उन्होंने कहा था कि दिल्ली में नहीं अयोध्या चलिए वहां खबर लेकर आ रहा हूं.
इसके बाद कयास लगाए जाने लगे कि योगी वहां पर क्या घोषणा करने वाले हैं. ऐसा बताया गया कि सरयू के किनारे 151 मीटर ऊंची तांबे की मूर्ति बनाई जाएगी. लेकिन योगी ने खुद यह बयान नहीं दिया. हां संत समाज की प्रतिक्रिया जरूर आ गई कि हम भव्य राम मंदिर का इंतजार कर रहे हैं मूर्ति का नहीं.
मंदिर का निर्माण करो के लग रहे थे नारे
लोगों की निगाहें मंगलवार को अयोध्या पर लगी थीं. ऐसा माना जा रहा था कि योगी जरूर कोई ऐसी घोषणा करेंगे जिससे राम मंदिर की राह आसान होगी या उससे जुड़ी होगी. उनके मंच पर पहुंचने से पहले ही नारे लगने लगे कि योगी जी 'मंदिर का निर्माण' करो.
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